HOME

Featured post

25 नवम्बर का इतिहास

♓🅰♉🚩🅾♏ *भारतीय एवं विश्व इतिहास में 25 नवंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ।* ☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆ 1667 - रूस के उत्तरी कॉकसस क्षेत्र के सेमाखा में ...

Saturday, 17 December 2016

मराठा साम्राज्य का पतन

♓🅰♉🚩🅾♏
*मराठों के पतन के क्या कारण थे?*

उत्तर-- मुगलों को धूल धूसरित करने में मराठों का बहुत हाथ था। उसके पतन के बाद मराठे भारत की सबसे बड़ी शक्ति के रूप में भारतीय राजनीति में उभरे। उनसे आशा की जाती थी कि मुगल सम्राज्य के ध्वंसावेश पर वे अपने राजनीतिक प्रभुत्व की इमारत गढने में सफल होंगे ।इसके लिए उन्होंने प्रयास भी किया परंतु उनकी राजनीतिक प्रभुत्व  की इमारत बनने से पहले ही लड़खड़ा कर ताश के पत्ते की भांति बिखर गई। जिस मराठा साम्राज्य को शिवाजी महाराज ने अपनी प्रतिभा और खून से सींचा था वह छिन्न-भिन्न हो कर बिखर गया।

*मराठो के पतन के कुछ प्रमुख कारण निम्नलिखित थे---*
 *1.* *मराठा राज्य का चारित्रिक दोष:* मराठों के राज्य में कतिपय चारित्रिक दुर्गुण थे, जिन्होंने इनके पतन में अहम भूमिका निभाई। उनमें जाति के आधार पर कोई संगठन नहीं बन सका। उन्होंने सामाजिक उन्नति एवं शिक्षा आदि के विकास के लिए कुछ नहीं किया।
       मराठा राज्य के लोगों की एकता स्वाभाविक नहीं बल्कि कृत्रिम एवं आकस्मिक अतएव  अनिश्चित थी। यह एकता शासक के असाधारण व्यक्तित्व पर निर्भर करती थी और जब देश ने अतिमानवों  को जन्म देना बंद कर दिया तो यह एकता देश से लुप्त हो गई। विशाल मराठा साम्राज्य का संगठन सामंती व्यवस्था के आधार पर हुआ था। जब तक केंद्र शक्तिशाली रहा यह व्यवस्था कार्य करती रही और मराठा संगठित होते रहे । परंतु बाद में जब केंद्र शक्तिहीन हो गया तो विकेंद्रीकरण की प्रवृति जोर पकड़ने लगी।पेशवा धीरे-धीरे इस संघ का नाम मात्र का प्रधान रह गया। सभी सरदार स्वतंत्र राजाओं की तरह आचरण करने लगे। बाजीराव के मरने के बाद मराठों में संगठन एवं एकता का अभाव हो गया। व्यक्तिगत स्वार्थ,कलह,षड्यंत्र आदि के कारण मराठों का नैतिक पतन प्रारंभ हो गया।मराठों ने शिवाजी के आदर्शों को भुला दिया ।एकता एवं  संगठन के अभाव में मराठा संघ का पतन अवश्यंभावी हो गया।
*2.* *राष्ट्रीयता की भावना का अभाव-:* मराठों में दिन प्रतिदिन राष्ट्रीयता की भावना का लोप होता गया। उन्होंने शिवाजी के आदर्श मराठा साम्राज्य और 'हिंदू पद पादशाही' को भुला दिया। उनके शत्रु अंग्रेजों में यह भावना कूट-कूट कर भरी हुई थी। कभी-कभी मराठा या उनके सरकार पैसे के लिए निजाम या अंग्रेजों की सेना में भर्ती होकर मराठों के विरुद्ध ही लड़ा करते थे। कतिपय मराठों ने देश से विश्वासघात किया और जमीन तथा पैसे के लालच में, अंग्रेजों की मुखबिरी की। इससे स्पष्ट है कि मराठों में राष्ट्र-प्रेम की भावना का अभाव था। वे धार्मिक एवं जातिगत वफादारी से कभी ऊपर नहीं उठ पाए।
*3.* *अनुशासनहीनता--:*मराठों  में अनुशासनहीनता प्रवेश कर गई थी। उन्होंने सहयोग एवं संगठन की भावना को व्यक्तिगत स्वार्थ, अहंकार एवं सम्मान की बलिवेदी पर कुर्बान कर दिया। पेशवा, होल्कर, सिंधिया एवं भोंसले में इतना अधिक मतभेद था कि वे एक दूसरे की कोई बात सुनने के लिए तैयार न थे। वे नेतृत्व के लिए हमेशा आपस में लड़कर अपनी शक्ति का अपव्यय करते थे तथा अपने अहं की तुष्टि के लिए राष्ट्रद्रोह करने के लिए भी तैयार रहते थे।
*4.* *दोषपूर्ण सैन्य संगठन:* मराठों का सैनिक संगठन दोषपूर्ण था। उनके पास आधुनिक ढंग के नवीनतम हथियारों से लैस सेना का अभाव था। उनके लड़ने भिड़ने के हथियार एकदम पुराने थे। कुछ इतिहासकारों के अनुसार मराठों की पराजय का एक मुख्य कारण था। मराठा युद्ध-पद्धति में सिद्धहस्त थे। लेकिन वदली हुई परिस्थिति में गुरिल्ला नीति को जारी रखना असंभव था। उन्होंने पाश्चात्य ढंग से अपनी सेना  को सुसंगठित करने का प्रयास किया। पर इसे पूरी तरह नहीं अपना सके। इस प्रकार उनका सैन्य संगठन एवं युद्ध कला ना तो पुराना रहा और ना ही आधुनिकतम बन सका।अपनी सेना  को आधुनिक बनाने के चक्कर में वे पुर्तगालियों तथा फ्रांसीसी विशेषज्ञों पर निर्भर  रहने लगे।जिन्होंने
आवश्यकता के सभ्य उन्हें धोखा दिया।

*5.* *भौगोलिक ज्ञान का अभाव---:* किसी भी युद्ध में विजय प्राप्त करने के लिए आवश्यक है--- आस-पास के क्षेत्रों का विशद भौगोलिक ज्ञान। लेकिन मराठों को अपने आस-पास के क्षेत्रों का समुचित भौगोलिक ज्ञान नहीं था। इसके अभाव में मराठे युद्ध के समय गंभीर स्थिति में फंस जाते थे। इसके विपरीत अंग्रेजों को मराठा राष्ट्र की भौगोलिक स्थिति का पूरा ज्ञान था। इसी ज्ञान के आधार पर वे अपनी रणनीति निर्धारित करते थे और मराठों को पराजित होना पड़ता था।
       अंग्रेजों ने भारतीय भाषाओं का ज्ञान प्राप्त करके अपनी कूटनीति के द्वारा भी मराठों को पराजित किया। मराठा- ज्ञान विज्ञान के मामले में एकदम पिछड़े थे। अतःवे अंग्रेजों के सामने नहीं टिक सके।
*6.* *दोषपूर्ण आर्थिक व्यवस्था:--* मराठों के पतन का एक महत्वपूर्ण कारण यह था कि उन्होंने अपने विशाल साम्राज्य के आर्थिक उन्नति की ओर जरा भी ध्यान नहीं दिया। महाराष्ट्र की बंजर भूमि ना तो कृषि र्काय के योग्य थी और ना वहाँ वाणिज्य व्यापार ही चल सकता था।फलतः मराठों के आय के साधन सुदृढ़ एवं सुनिश्चित नहीं थे। इसका बहुत बुरा परिणाम हुआ। मराठों की कोई आर्थिक नीति नहीं थी।वे पैसे की कमी बराबर महसूस करते रहे। फलस्वरूप उन्हें आय के लिए लूट-खसोट से प्राप्त आय अर्थात 'चौथ' व 'सरदेशमुखी' पर निर्भर करना पड़ता था। परंतु इस प्रकार से प्राप्त आमदनी से किसी राष्ट्र को नहीं चलाया जा सकता है। लूट खसोट के कारण मराठों ने जनता की सहानुभूति भी खो दी। वे अपने विजित परदेशों में भी सुदृढ़ शासन एवं खेती तथा व्यापार आदि की उन्नति करने में असमर्थ रहे।अतः
एक दृढ़ आर्थिक व्यवस्था तथा अर्थनीति के अभाव में उनका पतन जरूरी हो गया।
*7.* *देशी राज्यों की शत्रुता -:::* मराठा देश की सबसे बड़ी ताकत समझे जाते थे।उनसे आशा की जाती थी की वे अपने नेतृत्व में देशी शक्तियों का संगठन कर अंग्रेजों को भारत से निकाल बाहर करेंगे। लेकिन यह एक महत्वपूर्ण तथ्य है कि अंग्रेजों के विरुद्ध युद्ध में मराठों को किसी विदेशी राज्य यहां तक कि राजपूतों का भी सहयोग या समर्थन नहीं प्राप्त हुआ। इसका कारण यह था कि मराठा आरंभ से ही राजपूतों,सिक्खों तथा अन्य मुसलमान शासकों के राज्य में लूटमार मचाते रहे थे। इस कारण आने के देशी राज्यों ने ईर्ष्यावश मराठों के विरुद्ध अंग्रेजों की सहायता की जिससे मराठों को पराजित करना आसान हो गया।
*8.* *योग्य नेतृत्व का आभाव --:* किसी भी देश या किसी आंदोलन की सफलता योग्य नेतृत्व पर निर्भर करती है। दुर्भाग्य से अपने सुयोग्य नेताओं की आकस्मिक मृत्यु से मराठे कुशल नेतृत्व से वंचित हो गए। 19वीं शताब्दी तक बाजीराव प्रथम, माधवराव प्रथम, मल्हार राव होलकर, महादजी सिंधिया और नाना फड़नवीस जैसे सुयोग्य नेता मराठों के बीच से उठ चुके थे और उनके स्थान पर बाजीराव द्वितीय जैसे स्वार्थी तथा अयोग्य नेता उनके कर्णधार बन गए थे। इस प्रकार योग्य नेताओं का भाव भी मराठों के पतन का एक प्रमुख कारण बन गया।
*9.* *अंग्रेजों की साधन- संपन्नता एवं नीति कुशलता---* मराठों की उपर्युक्त कमजोरियों के विपरीत अंग्रेज हर तरह से सक्षी थे। उनमें एकता थी, संगठन था, उच्चकोटि की  सैनिक शक्ति और सबसे बढ़कर राष्ट्रीयता की भावना थी, जिसके कारण मुट्ठीभर अंग्रेजों के सामने मराठा  नहीं टिक सके और अंग्रेजोआ ने उन पर अपना आधिपत्य जमा लिया ।
17 दिसंबर का इतिहास यहाँ देखें ।

17 दिसंबर का इतिहास

♓🅰♉🚩🅾♏
17 दिसम्बर का इतिहास ।
05 दिसंबर का इतिहास

1715-सिखों के प्रमुख बंदा बहादुर बैरागी ने गुरुदासपुर में मुगलों के सामने आत्मसमर्पण किया।
1903: राइट बंधुओं ने 'द फ्लायर' नामक विमान पहली बार उड़ाया था. 12 सेकेंड की इस उड़ान ने दुनिया में क्रांति ला दी थी. [17 दिसंबर 1903 को इंसान के आसमान में उड़ने का सपना सच हुआ था. आज ही के दिन राइट बंधुओं ने 'द फ्लायर' नामक विमान पहली बार उड़ाया था. इस 12 सेकेंड की उड़ान ने सदियों की मनोकामना पूरी कर दी.
ऑरविल और विल्बर राइट बंधुओं की वजह से ही आज हम और आप विमान का सफर कर पा रहे हैं. राइट बंधुओं के मामूली से प्रयोगात्मक विमान से शुरू होकर यह उड़ान जेट विमानों और अंतरिक्ष यानों तक होते हुए चंद्रमा और मंगल तक जा पहुंची है.
राइट बंधुओं की यह कामयाबी दरअसल चार साल की कड़ी मेहनत और बार-बार नाकामी मिलने के बावजूद सपने को साकार करने के जज्बे का नतीजा थी. हालांकि अपने भाइयों की तरह वे कॉलेज नहीं गए लेकिन मशीनों से दोनों को खूब लगाव था. बचपन में उनके पिता ने उन्हें एक हेलीकॉप्टर सा खिलौना दिया था, जिसने दोनों भाइयों को असली का उड़न यंत्र बनाने के लिए प्रेरित किया. दोनों को मशीनी तकनीक की काफी अच्छी समझ थी जिससे उन्हें विमान के निर्माण में मदद मिली.
यह कौशल उन्होंने प्रिंटिंग प्रेसों, साइकिलों, मोटरों और दूसरी मशीनों पर लगातार काम करते हुए पाया था. दोनों ने 1900 से 1903 तक लगातार ग्लाइडरों के साथ परीक्षण किया था लेकिन वे ग्लाइडर नहीं उड़ा पा रहे थे. आखिरकार एक साइकिल मैकेनिक चार्ली टेलर की मदद से राइट बंधु एक ऐसा इंजन बनाने में सफल रहे, जो 200 पौंड से कम वजन का भी था और 12 हॉर्स पावर का था.
फिर समस्या आयी प्रोपेलर की. जलयान के प्रोपेलर विमान के लिए उपयुक्त नहीं थे. ऐसे में, राइट बंधुओं ने ग्लाइडरों के अनुभव के आधार पर उपयुक्त प्रोपेलर बनाने में सफलता हासिल की. उसके बाद उन्होंने अपने ग्लाइडर 'किटी हॉक' में यह इंजन और प्रोपेलर लगाकर विमान तैयार किया जिसने 17 दिसंबर 1903 को पहली उड़ान भरी. 12 सेकेंड की इस उड़ान ने 120 फीट की दूरी तय की और इतिहास रच दिया.]
1907- उग्येन वांगचुक भूटान के पहले वंशानुगत राजा बने।
1914- पोलैंड के लिमानोव में आस्ट्रिया की सेना ने रूसी सेना को पराजित किया
1914- तुर्की अधिकारियों ने यहूदियों को तेल अवीव से बाहर खदेड़ दिया गया।
1925- तत्कालीन सोवियत संघ और तुर्की ने एक दूसरे पर हमला न करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किये।
1927- आस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज सर डान ब्रेडमैन ने अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपने पहले ही मैच में शानदार 118 रनों की पारी खेली।
06 दिसंबर का इतिहास
1928: लाला लाजपात राय की हत्या का बदला लेने के लिए भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव ने उन पर लाठी चार्ज करने वाले सांडर्स की हत्या कर दी.1928 को शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह, अमर शहीद शिवराम राजगुरु और शहीद सुखदेव थापर ने लाला लाजपत राय की हत्या के सबसे बड़े खलनायक पुलिस अफसर जेम्स सांडर्स को मौत के घाट उतार कर भारत माता के "लाल" की शहादत का बदला लिया था।
1929- महान क्रांतिकारी भगत सिंह और राजगुरू ने सहायक पुलिस अधीक्षक सांडर्स को गोली मारी।
1971 ईसवी को भारत और पाकिस्तान के बीच तीसरा युद्ध पाकिस्तान के विभाजन के परिणाम स्वरुप बांग्लादेश के अस्तित्व में आने के बाद समाप्त हुआ। पाकिस्तान के अस्तित्व में आने के बाद से ही वर्तमान बंग्लादेश और तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान के लोग पश्चिमी पाकिस्तान में सत्ता की केंद्रीयता के विरोधी थे और 1953 में इन विरोधी गुटों ने एक संयुक्त मोर्चा बनाया तथा मुजीबुर्रहमान के नेतृत्व में इस मोर्चे ने पूर्वी पकिस्तान की स्वाधीनता के प्रयास आरंभ कर दिए। अलगाववादियों को भारत का समर्थन प्राप्त था और अंतत: पाकिस्तान, भारत और बांगलादेश के अलगाववादी मोर्चे की संयुक्त सेना के बीच युद्ध के बाद पूर्वी पाकिस्तान अलग देश बन गया।
1933- भारत के दिग्गज क्रिकेटर लाला अमरनाथ ने अपने पदार्पण टेस्ट मैच में ही 118 रनों की बेहतरीन पारी खेली।
1940- महात्मा गांधी ने व्यक्तिगत सत्याग्रह आंदोलन स्थगित किया।
1971 - भारत-पाक युद्ध समाप्त।
1971: 1971 को भारत और पाकिस्तान के बीच तीसरा युद्ध पाकिस्तान के विभाजन के परिणाम स्वरुप बांग्लादेश के अस्तित्व में आने के बाद समाप्त हुआ था
विशेष।17 दिसम्बर सन 1807 ईसवी को फ़्रांस के तानाशाह नेपोलियन बोनापार्ट ने मीलान का ऐतिहासिक आदेश जारी किया। ब्रिटेन की नौसेना द्वारा फ़्रांस की बंदरगाहों का परिवेष्टन कर लिए जाने के बाद यह आदेश जारी हुआ। नेपोलियन ने पहले तो अपने योरोपीय घटकों से ब्रिटेन के साथ संबंध विच्छेद करने को कहा और फिर ब्रिटेन का पैरिवेष्टन कर लिया गया और फ़्रांस तथा उसके घटक देशों की नौकाओं को ब्रिटेन की नौकाओं पर आक्रमण की अनुमति मिल गयी। इस आदेश के कारण योरोप में ब्रिटेन का राजनैतिक एवं व्यापारिक प्रभाव कम हो गया किंतु योरोप के जल क्षेत्रों में ब्रिटिश सैनिकों की धाक वैसी ही जमी रही।
1992 :ईसवी को ज़ायोनी शासन ने अपने सीमा सुरक्षा बल के एक जवान की हत्या के बहाने फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास के 415 सदस्यों को देश निकाला दे दिया। इस अमानवीय कार्रवाई पर पूरे विश्व ने आपत्ति जताई और सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव संख्या 977 पारित करके तेल अबीब के इस क़दम की आलोचना की तथा फ़िलिस्तीनियों की स्वदेश वापसी की मांग की। इस्राईल ने दबाव में आकर उनकी वापसी पर समहति जताई किंतु वापसी के बाद कई लोगों को गिरफ़्तार करके जेल में डाल दिया।
1996- नेशनल फुटबाल लीग का शुभारंभ हुआ।
1998 - अमेरिकी और ब्रिटिश बम वर्षकों ने 'आपरेशन डेजर्ट फ़ाक्स' के तहत इराक पर भारी बमबारी की।
1998: अमेरिकी और ब्रिटिश बम वर्षकों ने 'आपरेशन डेजर्ट फ़ाक्स' के तहत इराक पर भारी बमबारी की.
2000 - भारत और पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष मुख्यालयों में हॉटलाइन पुन: शुरू, नेशनलिस्ट सर्व डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता मिरको सरोविक ने बोस्निया में राष्ट्रपति पद की शपथ ली।
2002: तुर्की ने कश्मीर मुद्दे पर भारत का समर्थन किया.
2002 - तुर्की ने कश्मीर मुद्दे पर भारत का समर्थन किया।
2008- शीला दीक्षित ने दिल्ली की मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। केन्द्र सरकार ने शासन बलों में पदोन्नति के लिए नई पदोन्नति नीति की घोषणा की।
2016-:ग्रेटर नोएडा के अर्जुन भाटी ने किड्स गोल्फ वर्ल्ड खिताब जीता===)
मलेशिया में आयोजित किड्स गोल्फ वर्ल्ड चैंपियनशिप खिताब ग्रेटर नोएडा के अर्जुन भाटी ने जीता. अर्जुन ने दक्षिण अफ्रीका के मैथ्यू डेनिस को हरा कर यह खिताब जीता. उन्होंने मैथ्यू को दो शॉट से हराया. टूर्नामेंट में 21 देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया.

खेल परिणाम-

चैंपियनशिप के तीनों चरण में अर्जुन कुल 234 अंक लेकर सबसे आगे रहे.
दक्षिण अफ्रीका के मैथ्यू डेनिस ने तीनों चरण में 236 अंक प्राप्त किए.
239 अंक के साथ मलेशिया के रायन ली वी जियान ने तीसरा स्थान प्राप्त किया.
यूएस किड्स गोल्फ टूर्नामेंट के बारे में-

यूएस किड्स गोल्फ टूर्नामेंट यूएस किड्स गोल्फ फाउंडेशन आयोजित कराता है.
टूर्नामेंट को पहली बार अमेरिका और यूरोप से बाहर एशिया में आयोजित किया गया है.
अर्जुन के बारे में-

ग्रेटर वैली स्कूल में सातवीं कक्षा के छात्र अर्जुन के पिता बॉबी भाटी प्रॉपर्टी कारोबारी हैं.
जेपी गोल्फ कोर्स में रहने वाले अर्जुन ने बचपन से गोल्फ को अपने आस पास देखा.
घर की बालकनी से खिलाड़ियों को गोल्फ खेलते देखकर अर्जुन में इस खेल के प्रति ललक पैदा हुई.
अर्जुन की रुचि और परिजनों के आग्रह पर गोल्फ कोर्स के सहायक प्रबंधक अर्जुन को टीम में शामिल करने हेतु सहमत हुए. उन्होंने अर्जुन को गोल्फ का प्रशिक्षण दिया.
बाद में अर्जुन ने गोल्फ कोर्स में कोच मोनिश बिंद्रा से प्रशिक्षण लेना शुरू किया.
अर्जुन ने अल्बाट्रास गोल्फ चैंपियनशिप में भी पहला स्थान हासिल किया.
अर्जुन अभी तक 90 से अधिक टूर्नामेंट में हिस्सा ले चुके हैं.
35 खिलाडियों में अर्जुन पहले स्थान पर रहे हैं.
वह अब तक करीब 50 ट्रॉफी जीत चुके हैं.
जन्म ==--
1905 - मुहम्मद हिदायतुल्लाह - भारत के पहले मुस्लिम मुख्य न्यायाधीश, वे भारत के प्रथम कार्यवाहक राष्ट्रपति थे।

1556 - रहीम - बादशाह अकबर के दरबार के प्रसिद्ध कवि।



मुहम्मद हिदायतुल्लाह (17 दिसम्बर) • रहीम (17 दिसम्बर).

मृत्यु ==--
1645-मुगल सम्राट जहांगीर की पत्नी नूरजहां बेगम का निधन हुआ।
1959 - भोगराजू पट्टाभि सीतारामैया - प्रसिद्ध भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, गाँधीवादी और पत्रकार।
1927 - राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी - भारत के अमर शहीद प्रसिद्ध क्रांतिकारियों में से एक।
भोगराजू पट्टाभि सीतारामैया (17 दिसम्बर).
 • राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी (17 दिसम्बर). क्रांतिकारी राजेंद्र नाथ लाहिड़ी की शहादत। राजेंद्र नाथ लाहिड़ी एक बंगाली हिन्दू ब्राह्मण थे। इनका जन्म 23 जून 1901 को पबना जिले के मोहनपुर गाँव में हुआ, जो अब बांग्लादेश में है। दक्षिणेश्वर बम धमाके के केस में और उसके बाद 1925 के ऐतिहासिक "काकोरी काण्ड" में सक्रिय भूमिका निभाते हुए राजेंद्र नाथ, पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान इत्यादि क्रांतिकारियों के साथ जेल गए। इन्हें आरोप साबित होने पर फांसी की सजा सुनाई गयी और 17 दिसंबर, 1927 को गोंडा की जिला जेल में इन्हें निर्धारित तिथि से 2 दिन पहले ही फांसी दे दी गयी।
16 दिसंबर का इतिहास

Thursday, 15 December 2016

16 दिसम्बर का इतिहास ।

♓🅰♉🚩🅾♏
16 दिसंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

06 दिसंबर का इतिहास यहाँ देखें ।
1631- इटली के माउंट विसुवियस में ज्वालामुखी विस्फोट से छह गांव तबाह, चार हजार से अधिक लोग मारे गये।
1707- जापान के माउंट फुजी पर्वत में अंतिम बार ज्वालामुखी विस्फोटमुहल्ला हुआ।
1824- ग्रेट नॉर्थ हाॅलैंड नहर खोली गयी।
1862- नेपाल ने संविधान को अपनाया।
1920: चीन में आए भूकंप के कारण से 1 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. यह भूकंप चीन के कान्सू प्रांत में आया था.
1927- आस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज सर डान ब्रैडमैन ने न्यूसाउथ वेल्स और दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के बीच मैच से अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट की शुरुआत की।
1929- कलकत्ता (अब कोलकाता) विद्युत आपूर्ति निगम ने हुगली नदी के भीतर नहर की खुदाई आरंभ की।
1945: जापान के दो बार प्रधानमंत्री फूमिमारो कनोए ने युद्ध अपराधों का सामना करने की बजाए आत्महत्या कर लिया.
1951- हैदराबाद में सालार जंग संग्रहालय की स्थापना की गयी।
1958- कोलंबिया की राजधानीछ बोगोटा में एक गोदाम में लगी भीषण आग में 82 लोगों की मौत।

1959- पश्चिमी पाकिस्तान के लोवाराय दर्रे में भारी बर्फबारी से 48 लोगों की मौत।
1960: अमेरिका के न्यूयार्क शहर में हुए दो विमानों की टक्कर के कारण 136 लोग मारे गए.
1971- भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम पर सहमति के बाद बंगलादेश पाकिस्तान से पृथक होकर स्वतंत्र राष्ट्र बना।
बांग्लादेश देश एक नजर।
1985: देश का प्रथम फास्ट ब्रीडर परमाणु रिएक्ट ने कलपक्कम में कार्य करना शुरू कर दिया.
1985- तमिलनाडु के कलपक्कम में पहले फास्ट ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर (एफबीटीआर) की स्थापना।
1991 – कजाखस्तान ने सोवियत संघ से स्वतंत्रता की घोषणा की।
1993 - नयी दिल्ली में 'सभी के लिए शिक्षा' सम्मेलन प्रारम्भ।
1994 - पलाऊ संयुक्त राष्ट्र का 185वां सदस्य बना।
1999 - गोलन पहाड़ी के मुद्दे पर सीरिया-इस्रायल वार्ता विफल।
2002 - बांग्लादेश ने 31वाँ विजय दिवस मनाया।
2006 - नेपाल में अंतरिक्ष संविधान को अंतिम रूप दिया गया। इसके तहत राजा ज्ञानेन्द्र को देश के प्रमुख के पद से हटा दिया गया।
2007 - बांग्लादेश ने पाकिस्तान से मुक्ति दिवस का 36वाँ विजय दिवस मनाया।
2008- केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के वेतन पुनरीक्षण को गठित चड्ढा समिति की संस्तुतियों को केन्द्र सरकार ने मंज़ूर किया।
2013 – फिलीपीन्स की राजधानी मनीला में एक बस के पलटने से 18 लोगों की मौैत हो गयी तथा 20 अन्य घायल हो गये।
2014 – पाकिस्तान में पेशावर के एक स्कूल में तहरीक ए तालिबान के हमले में 145 लोगों की मौत हुई जिनमें ज्यादातर स्कूली बच्चे थे।
05 दिसंबर का इतिहास यहाँ देखें ।
16 दिसंबर को जन्मे व्यक्ति====--
1937 - हवा सिंह - भारत के सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाजों में से एक थे।

16 दिसंबर को हुए निधन===---

1515- पुर्तगाली गवर्नर अल्फांसो डे अल्बुकेरक का गोवा के निकट निधन।
1971 - सेकेंड लेफ़्टिनेंट अरुण खेत्रपाल - परमवीर चक्र सम्मानित भारतीय सैनिक

16 दिसंबर के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव=====----

विजय दिवस।
2016-जिस राज्य में भारत-पाक सीमा पर वाघा बॉर्डर भांति दर्शन स्थल बनेगा: गुजरात

•    एशिया प्रशांत आवास और शहरी विकास पर 6 वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन का आयोजन जिस शहर में किया जा रहा है: नई दिल्ली

•    विश्व बैंक ने भारत और जिस देश की सिंधु संधि प्रक्रियाओं पर विराम लगाया: पाकिस्तान

•    नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री थॉमस शेलिंग का 95 की आयु में निधन हो गया. उन्हें जिस वर्ष नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था: वर्ष 2005

•    एलईडी बल्ब वितरण के मामले में जो राज्य देश में सबसे आगे है: गुजरात

•    आईटीएफ ने विश्वस्तरीय जिन दो टेनिस खिलाड़ियों को विश्व चैम्पियंस पुरस्कार 2016 देने की घोषणा की: एंडी मरे और एंजेलिक केर्बर

•    केंद्र सरकार ने देश में डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहन हेतु हाल ही में जिस नीति की घोषणा की: उपभोक्ताओं को इनाम देने की

•    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा हाल ही में घोषित वर्ष 2016 की आईसीसी महिला टीम में जिस भारतीय महिला क्रिकेटर को नामित किया: स्मृति मंधाना

•    जिस राज्य सरकार ने हाल ही में 8 रुपये में खाना तथा 5 रुपये में नाश्ता देने हेतु अन्नपूर्णा रसोई योजना का शुभारम्भ किया: राजस्थान

•    भारतीय जनता पार्टी ने जिसकी जगह पूनम महाजन को बीजेपी युवा मोर्चा की अध्यक्ष नियुक्त किया: अनुराग ठाकुर

•    इन्हें संयुक्त राष्ट्र का उपमहासचिव नियुक्त किया गया: अमीना मोहम्मद

•    भारत का पहला राज्य जिसमें महिला पुलिस स्वयंसेवी पहल शुरू की गयी: हरियाणा

•    वह राज्य जिसमें देश का सबसे बड़ा इंडोर स्टेडियम बनाया जा रहा है: पश्चिम बंगाल

•    पाकिस्तान द्वारा 700 किलोमीटर मारक क्षमता वाली इस क्रूज़ मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया: बाबर

•    वह खाड़ी देश जिसमें कफाला नियमों को समाप्त करने की घोषणा की गयी: क़तर।

बांग्लादेश एक नजर


नौ महीने तक पाकिस्तान से बांग्लादेश की मुक्ति के लिए चले संघर्ष के बाद, 16 दिसंबर 1971 को बांग्लादेश का एक आजाद देश के रूप में जन्म हुआ.


1947 में मिली आजादी के साथ ही भारत को हिन्दू बहुल भारत और मुस्लिम बहुल पाकिस्तान में विभाजित करना पड़ा. उसके साथ ही पाकिस्तान में भी दो हिस्सों ने जन्म लिया. एक हिस्सा पूर्वी पाकिस्तान जो ज्यादा समृद्ध था और दूसरा पश्चिमी पाकिस्तान जो राजनीतिक रूप से ज्यादा हावी था. पश्चिमी पाकिस्तान में सिंध, पठान, बलोच और मुहाजिरों की ज्यादा तादाद थी जबकि पूर्वी पाकिस्तान में बंगाली बोलने वाले थे.

देश की राजनीति में पूर्वी पाकिस्तान का ज्यादा दखल नहीं था. लोग इस बात से खुश नहीं थे. वहां के नेता शेख मुजीब-उर-रहमान ने अवामी लीग का गठन किया और 1970 में भारी मतों से जीत हासिल की. लोग क्या चाहते हैं यह बात अब साफ थी. संसद में बहुमत हासिल करने के बाद भी उन्हें प्रधानमंत्री बनाने की बजाय जेल में डाल दिया गया और यहीं से पाकिस्तान के विभाजन की नींव पड़ी.

मुजीब-उर-रहमान ने हर शख्स से बांग्लादेश के स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेने का आह्वान किया. 26 मार्च से शुरू हुए इस संघर्ष में खून की नदियां बहीं, हजारों बलात्कार हुए और लाखों लोगों को पड़ोसी देश भारत में शरण लेनी पड़ी.

भारत भी इस समस्या से काफी परेशानियों का सामना कर रहा था और भारत को बांग्लादेशियों के अनुरोध पर हस्तक्षेप करना पड़ा. पूर्वी पाकिस्तान के लोगों के दमन के खिलाफ भारत ने 1971 में पाकिस्तान के साथ युद्ध कर उसे पीछे लौटने पर विवश कर दिया. पाकिस्तानी सेना ने आखिरकार 16 दिसंबर 1971 को भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. इस दिन को बांग्लादेश विजय दिवस के रूप में मनाता है. बांग्लादेश एक आज़ाद मुल्क बना और मुजीबुर्र रहमान इसके पहले प्रधानमंत्री बने.

15 दिसम्बर का इतिहास

भारत एवं विश्व इतिहास में 15 दिसंबर की प्रमुख घटनाएं ।

1749- छत्रपति शिवाजी के पोते शाहू की मौत हुई।
1794 - फ्रांस में क्रांतिकारी ट्रिब्यूनल को समाप्त कर दिया गया।
1803- ईस्ट इंडिया कंपनी ने उड़ीसा (अब ओडिशा) पर कब्जा किया।
1916 - प्रथम विश्व युद्ध के दौरान वेरदून में हुए लड़ाई में फ्रांस ने जर्मनी को हराया।
1917 - मोलदावियन गणराज्य ने रूस से स्वतंत्र होने की घोषणा की।
1950- भारत रत्न से अलंकृत और स्वतंत्र भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री तथा लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल का निधन ।
1953-भारत की एस विजयलक्ष्मी पंडित संयुक्त राष्ट्र महासभा के आठवें सत्र की प्रथम महिला अध्यक्ष चुनी गई।
1965 - बांग्लादेश में गंगा नदी के तट पर आये चक्रवात में 15,000 लोगों की मौत हुई।
1976 - न्यूजीलैंड से स्वतंत्र हुआ समोआ संयुक्त राष्ट्र का सदस्य बना।
1976 -फुटबॉल खिलाड़ी बाइचुंग भूटिया का सिक्किम में जन्म।
1991- जाने माने फिल्म निर्माता सत्यजीत रे सिनेमा जगत में उनकी उपलब्धियों के लिए स्पेशल ऑस्कर से नवाजा गया।
1997-अरुंधति रॉय को उनके उपन्यास 'द गॉड आॅफ स्मॉल थिंग्स' के लिए ब्रिटेन के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कार 'बुकर पुरस्कार' से नवाजा गया।
2001 इटली में पीसा की झुकी मीनार को 11 साल बंद रहने के बाद दोबारा खोला गया।
2010 ऑस्ट्रेलिया के क्रिसमस द्वीप के पास 90 शरणार्थियों को ले जा रहे एक नाव के दुर्घटनाग्रस्त होने से 48 लोगों की मौत हुई।
दिवस====---
15 दिसंबर 2016: अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस

विश्व भर में 15 दिसंबर 2016 को अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस मनाया गया. इस अवसर पर विश्व भर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये.

इस दिन पूरे विश्व में, विशेषकर चाय उत्पादक देशों में अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस मनाया जाता है. इसका मुख्य लक्ष्य चाय बागान से लेकर चाय की कंपनियों तक में काम करने वाले श्रमिकों की स्थिति की ओर ध्यान आकृष्ट करना है.




अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस की शुरुआत 15 दिसंबर 2005 को नई दिल्ली से हुई लेकिन एक वर्ष बाद यह श्रीलंका में मनाया गया और वहां से विश्व भर में फैला.

भारत में चाय के निर्माता, जिसमें छोटे चाय उत्पादक और मजदूर संघ चाय दिवस को पारिश्रमिक, जीवन स्तर तथा जीविका संबंधी अपने अधिकारों को रेखांकित करने के अवसर के रूप में मनाते हैं.

अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस ग्यारह चाय उत्पादक देशों, श्रीलंका, तंजानिया, युगांडा, विएतनाम, मलेशिया, मालावी, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, भारत, केन्या और नेपाल के चाय उद्योग, मुख्यतः छोटे उत्पादक तथा श्रमिकों के लिए एक संयुक्त प्लेटफार्म देता है.
2016=-----:::
बच्चों को नशे से बचाने हेतु सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नेशनल एक्शन प्लान बनाने हेतु आदेश दिया, कोर्ट ने इसके लिए जितनी अवधि निर्धारित की- छह महीने
जिस प्रदेश के उत्‍पाद कर मंत्री पर सेक्‍स स्‍केंडल में शामिल होने के आरोप पर इस्‍तीफा देना पड़ा- कर्नाटक
मानवीय सुरक्षा के दृष्टिगत जिस संस्था ने पतंग उड़ाने हेतु शीशा लगे मांझे के देशव्‍यापी इस्‍तेमाल पर अंतरिम रोक लगाई- राष्‍ट्रीय हरित अधिकरण
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में मुख्य बंदरगाह प्राधिकरण विधेयक, 2016 का अनुमोदन कर दिया. यह जिस विधेयक का स्थान लेगा- मुख्य बंदरगाह न्यास अधिनियम, 1963
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और जिस देश के मध्य दोहरी कर व्यवस्था समाप्त करने और आय पर कर की चोरी की रोकथाम समझौता संशोधन नियमों का अनुमोदन किया- ताजिकिस्तान
फोर्ब्स ने दुनिया के 10 सबसे शक्तिशाली लोगों की सूची जारी की. सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जो स्थान दिया गया - 9 वां
राज्यसभा में नि:शक्त व्यक्ति अधिकार विधेयक 2014 (Right of Persons with Disabilities Bill, 2014) पारित किया गया. नि:शक्त व्यक्ति अधिकार विधेयक 2014 में जितनी श्रेणियां निर्धारित की गयी- 21
जिस भारतीय संगीतकार को फिल्म पेले: द बर्थ ऑफ ए लीजेंड में योगदान के कारण ऑस्कर के लिए नामांकित किया गया- ए आर रहमान
15 दिसंबर 2016 को निम्नलिखित में से जो दिवस मनाया गया- अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस
निम्नलिखित में से भारत के जिस राज्य में महिला पुलिस स्वयंसेवी पहल शुरू की गयी- हरियाणा
भारत ने जिस देश के साथ नौसेनिक युद्धाभ्यास इंदिरा नेवी 2016 आरंभ किया- रूस
सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में दिए गये एक निर्णय में देश के जिस स्थान पर शराब की दुकानों पर रोक लगाने का निर्देश जारी किया गया- हाईवे पर
निम्नलिखित में से जिस भारतीय मूल के व्यापारी को अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपनी आर्थिक सलाहकार समिति में शामिल किया - इंदिरा नूयी
परमाणु रणनीति को स्पष्ट करने हेतु खेल सिद्धांत का उपयोग करने वाले, नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री का 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया, उनका नाम है- थॉमस शेलिंग
तमिलनाडू की मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद जिसको एआईएडीएमके (AIADMK) प्रमुख नामित किया गया- शशिकला

Sunday, 11 December 2016

11 दिसम्बर का इतिहास

♓🅰🚩🅾♏
11 दिसंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

09 दिसंबर का इतिहास यहाँ पढ़ें ।
1618- रूस और पौलेंड के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर किये गये।
1687 - ईस्ट इंडिया कंपनी ने मद्रास (भारत )में नगरनिगम बनाया।
1780- जनरल गोडार्ड ने बम्बई के बेसीन किले पर कब्जा किया।
1845- प्रथम आंग्ल सिख युद्ध शुरू।
1858- बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और यदुनाथ बोस कलकत्ता विश्वविद्यालय से कला विषय के पहले स्नातक बने।
1937- यूरोपीय देश इटली मित्र राष्ट्र संघ से बाहर आया।
1941- जर्मनी और इटली ने अमेरिका के खिलाफ युद्ध की घोषणा की। ===---
11 दिसंबर 1941 को जर्मनी और इटली ने अमेरिका के खिलाफ युद्ध की घोषणा की थी. पहले इटली के शासक बेनिटो मुसोलिनी और फिर जर्मनी के तानाशाह अडोल्फ हिटलर ने ये घोषणा की.

जर्मनी के युद्ध एलान के पहले तक अमेरिका यूरोप में चल रहे संघर्ष में तटस्थ राष्ट्र की भूमिका निभा रहा था. लेकिन अमेरिका के पर्ल हार्बर पर हुई जापानी बमबारी ने जर्मनी को भी आश्चर्यचकित किया. जर्मनी के तानाशाह हिटलर ने धुरी सहयोगी जापान के साथ मौखिक रूप से समझौता किया था कि वह अमेरिका के खिलाफ जंग में शामिल होगा. हिटलर अनिश्चित था कि वह किस तरह से अमेरिका को युद्ध में उलझाएगा. जापान का पर्ल हार्बर पर हमला इस सवाल का जवाब था.

8 दिसंबर को जापान के राजदूत ओशिमा जर्मनी के विदेश मंत्री फॉन रिबनट्रोप के पास गए. ओशिमा का मकसद जर्मनी को अमेरिका के खिलाफ युद्ध के लिए राजी करना था. हालांकि ओशिमा को पता था त्रिपक्षीय समझौते के तहत जर्मनी के ऊपर इसका कोई दबाव नहीं है. त्रिपक्षीय समझौते के मुताबिक अगर जापान पर हमला होगा तो जर्मनी उसकी मदद करेगा लेकिन अगर जापान किसी देश पर आक्रमण करेगा तो ऐसा नहीं होगा. लेकिन हिटलर ने कुछ और ही सोचा. हिटलर को डर था कि देर सबेर अमेरिका उस पर हमला करेगा. हिटलर ने जापान की ताकत का गलत मूल्यांकन किया. हिटलर को लगा कि जापान इतना शक्तिशाली है कि वो अमेरिका को हरा देगा. अगर ऐसा हुआ तो जर्मनी को रूस को हराने में मदद मिलेगी. बर्लिन समय के मुताबिक 11 दिसंबर को दोपहर साढ़े तीन बजे जर्मनी के उपराजदूत ने अमेरिका के विदेश मंत्री को युद्ध की घोषणा की प्रति दी. उसी दिन हिटलर ने जर्मनी की संसद को संबोधित करते हुए अपने फैसले को सही ठहराया. यह फैसला हिटलर के लिए ताबूत की आखिरी कील साबित हुए. अमेरिका के युद्ध में उतरते ही हिटलर के पांव उखड़ने शुरू हो गए.

1946 - डॉ. राजेन्द्र प्रसाद भारत की संविधान सभा के अध्यक्ष निर्वाचित हुए।यूरोपीय देश स्पेन को संयुक्त राष्ट्र से निलंबित किया गया।
आज ही के दिन 1946 में संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय बाल कोष की स्थापना हुई थी. वर्षों से यूनिसेफ विश्व भर में बच्चों के हितों के लिए काम कर रही है.

दूसरे विश्व युद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र की महासभा ने एक अंतरराष्ट्रीय बाल राहत कोष बनाने का निर्णय लिया. कई वर्षों तक यूनिसेफ ने विश्व भर में युद्ध की त्रासदियों से प्रभावित देशों के बच्चों को राहत पहुंचाने का काम किया. 1970 आते आते यह बाल अधिकारों की वकालत करने वाली एक बुलंद आवाज बन गई. 1980 के दशक में यूनिसेफ ने मानव अधिकारों के यूएन कमीशन की बाल अधिकारों का मसौदा तैयार करने में काफी मदद की. 1989 में इस मसौदे के स्वीकार किए जाने के साथ ही बाल अधिकारों के क्षेत्र में यह एक ऐतिहासिक कदम साबित हुआ.

संयुक्त राष्ट्र के 184 सदस्य देशों में से केवल सोमालिया और अमेरिका ही ऐसे देश थे जिन्होंने अपने यहां इस समझौते को स्वीकार नहीं किया. सोमालिया में अंतरराष्ट्रीय मान्यता वाली सरकार नहीं है. दूसरी ओर अमेरिका ने इसमें प्रस्तावित बदलावों को स्वीकार इसलिए नहीं किया क्योंकि उसका मानना था कि इससे उनकी राष्ट्रीय प्रभुता और बच्चों और अभिभावकों के संबंधों पर असर पड़ेगा.
1967- पश्चिम भारत में 6.5 की तीव्रता वाले भूकंप से 170 लोगों की मौत।
1969- अफ्रीकी देश लीबिया में संविधान को अंगीकार किया गया।
1976- संयुक्त राष्ट्र द्वारा युनिसेफ की स्थापना की गई।
1983 - जनरल एच.एम. इरशाद ने खुद को बांग्लादेश का राष्ट्रपति घोषित किया।
1983- बँगला देश के मुख्य मार्शल लॉ प्रशासक मोहम्मद इर्शाद ने स्वयं को राष्ट्रपति घोषित किया।
1997 - ग्रीन हाउस देशों के उत्सर्जन में कटौती के लिए विश्व के सभी देश सहमत।
1997- ग्रीन हाउस गैसों में कमी लाने के लिए क्योटो संधी पर
भी हस्ताक्षर किए गए।
1998 - 23वें काहिरा अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म समारोह में तमिल फ़िल्म 'टेररिस्ट' सर्वश्रेष्ठ भूमिका के लिए आयशा धारकर को ज्यूरी का सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार प्रदान किया गया।
2002 - स्पेन के नौसैनिकों ने अरब सागर में उत्तर कोरिया के एक जहाज़ को पकड़ा, इसमें स्कड मिसाइलें लदी थीं।
2003 - मेरिदा में पहले भ्रष्टाचार निरोधक समझौते पर 73 देशों ने हस्ताक्षर किये।
2007 - उत्तर व दक्षिण कोरिया के मध्य 50 वर्ष बाद रेल सेवा पुन: प्रारम्भ।

2014- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जिसकी पहल भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी ने संयुक्तफ राष्ट्र में रखकर की जिसकी स्वीकृति संयुक्त राष्ट्र ने ११ दिसंबर २०१४ को दे दी।
06 दिसम्बर का इतिहास यहाँ देखें ।
11 दिसंबर को जन्मे व्यक्ति===-
1810- फ्रांस के प्रसिद्ध लेखक और कवि अल्फ्रेड डोमोसे का पेरिस में जन्म हुआ।
1882 - सुब्रह्मण्य भारती, तमिलट कवि।

1922 - दिलीप कुमार, हिन्दी फ़िल्म अभिनेता।
1931 - ओशो रजनीश - धार्मिक आन्दोलकर्ता
1935 - प्रणव मुखर्जी, भारत के वर्तमान राष्ट्रपति।
1969 - विश्वनाथन आनंद, भारत शतरंज खिलाड़ी



11 दिसंबर को हुए निधन====--

1938 - जगत नारायण मुल्ला - अपने समय में उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध वकील और प्रसिद्ध सार्वजनिक कार्यकर्ता।
1949 - कृष्णचन्द्र भट्टाचार्य - प्रसिद्ध दार्शनिक, जिन्होंने हिन्दू दर्शन पर अध्ययन किया।
2001- चीन को विश्व व्यापार संगठन में प्रवेश मिला।
2004 - एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी, कर्नाटक संगीत की प्रसिद्ध गायिका एवं अभिनेत्री
1998 - कवि प्रदीप, प्रसिद्ध कवि और गीतकारफ
2012- रवि शंकर - भारत रत्न सम्मानित प्रसिद्ध सितार वादक

11 दिसंबर के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव

हवाई सुरक्षा दिवस (सप्ताह)
यूनीसेफ़ दिवस (विश्व बालकोष दिवस)।
05 दिसंबर का इतिहास यहाँ देखें ।

Friday, 9 December 2016

09 दिसम्बर का इतिहास

♓🅰♉🚩🅾♏
9 दिसंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

1625- हालैंड और इंग्लैंड के बीच सैन्य संधि पर हस्ताक्षर।
1762- ब्रिटिश संसद ने पेरिस संधि को स्वीकार किया ।
1825- सिपाही विद्रोह के एक प्रमुख नायक राव तुला राम का हरियाणा के रेवाड़ी जिले में जन्म।
1898- बेलूर मठ की स्थापना।
1910- फ्रांसीसी सेनाओं ने मोरक्को के बंदरगाह शहर अगादीर पर कब्जा किया।
1917- जनरल अलेनबाय के नेतृत्व में ब्रिटिश सेना ने यरुशलम पर कब्जा किया।
1924- हालैंड और हंगरी के बीच व्यापार संधि पर हस्ताक्षर।
1931- जापानी सेना ने चीन के जेहोल प्रांत पर हमला किया।
1941- चीन ने जापान,जर्मनी और इटली के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।
1946- संविधान सभा की पहली बैठक नयी दिल्ली के कांस्टीट्यूनल हॉल में हुई।
1998 - रूस द्वारा आर्कटिक सागर में अपक्रांतिक परमाणु परीक्षण किया गया, आस्ट्रेलियाई क्रिकेट खिलाड़ियों शेन वार्न और मार्क वॉ ने एक भारतीय सट्टेबाज़ से 1994 में पाकिस्तान दौदे पर रिश्वत लेने की बात स्वीकारी।
2000 - दक्षिण कोरिया का दर्जा विकासशील देश से बढ़कर विकसित देश किया गया।
2001 - यूनाइटेड नेशनल पार्टी के नेता रानिल विक्रमसिंघे ने श्रीलंका के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली; तालिबान में नार्दन एलांयस का विमान दुर्घटनाग्रस्त, 21 मरे।
2002 - जॉन स्नो अमेरिका के नये वित्तमंत्री बने।
2006 - पाकिस्तान ने परमाणु क्षमता युक्त मध्यम दूरी के प्रक्षेपास्त्र 'हत्फ़-3 ग़ज़नवी' का परीक्षण किया।
2007 - पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो ने पाकिस्तानी सरकार के साथ अपने सभी सम्बन्ध समाप्त करने की घोषणा की।
2008- इसरो ने यूरोप के प्रसिद्ध उपग्रह प्रणाली विशेषज्ञ ईएडीएम एस्ट्रीयस के लिए सेटेलाइट का निर्माण किया।

06 दिसंबर का इतिहास पढ़ना ना भूले।
9 दिसंबर को जन्मे व्यक्ति

1484- महान कवि एंव संत सूरदास का जन्म।
1870- डाॅ.अाई एस श्रुधर का वेल्लोर अस्पताल में जन्म।
1889 - चन्द्रनाथ शर्मा - असम राज्य के प्रथम असहयोगी और असम में कांग्रेस के संस्थापकों में से एक।
1913 - होमाई व्यारावाला - भारत की प्रथम महिला फ़ोटो पत्रकार।
1918 - कुशवाहा कान्त - भारत के जाने-माने उपन्यासकार और नाटककार।
1929 - रघुवीर सहाय, हिन्दी के साहित्यकार व पत्रकार।
1945 - शत्रुघ्न सिन्हा - हिन्दी फ़िल्मों की प्रसिद्ध अभिनेता।

1946 - सोनिया गाँधी - प्रसिद्ध भारतीय राजनीतिज्ञ एवं पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की पत्नी।

9 दिसंबर को हुए निधन

1761-शिवाजी की पुत्री ताराबाई का पुणे में निधन।
1997 - के शिवराम कारंत कन्नड़ भाषा के विख्यात साहित्यकार
2007 - त्रिलोचन शास्त्री - प्रगतिशील काव्य धारा के प्रसिद्ध कवि।
2009 - उस्ताद हनीफ मोहम्मद खाँ, भारतीय तबला वादक
1971 - महेन्द्रनाथ मुल्ला - भारतीय नौसेना के जांबाज अफसरों में एक।

9 दिसंबर के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव

बालिका दिवस (भारत)