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25 नवम्बर का इतिहास

♓🅰♉🚩🅾♏ *भारतीय एवं विश्व इतिहास में 25 नवंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ।* ☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆ 1667 - रूस के उत्तरी कॉकसस क्षेत्र के सेमाखा में ...

Sunday, 3 December 2017

किशोर भारतीय संघ नावागढ़ एक नये कार्यक्रम को अंजाम देने की ओर अग्रसर है।


रक्तदान के महत्व और इसे खुबियों को देखते हुए कई सदस्य आगे आ रहे और रक्तदान शिविर का आयोजन कर सामूहिक रूप से रक्तदान करना चाहते है।*किशोर भारतीय संघ नावागढ़ के ऐसे सदस्य जिन्होंने अपने जीवन में रक्त दान किया है।वर्तमान समय को बात करें तो महादान का कार्य किया है

1)-: शिवन्नदन जी।💐💐💐
2)-: विजय जी।💐💐💐
3)-: हरि ॐ।💐💐💐
4)-: मनोहर प्रसाद वर्मा जी।💐💐💐
5)-: महेन्द्र प्रसाद वर्मा जी।💐💐💐
6)-: किशोर प्रसाद वर्मा जी।💐💐💐
7)-:रितलाल प्रसाद वर्मा जी ।💐💐💐
8)-: अजित प्रसाद वर्मा जी ।💐💐💐
_इच्छुक सदस्य जाने अनजाने रक्तदान के अहमियत को समझ चुके है और आगे आने वाले दिनों में रक्त दाताओं के सूची में शामिल होना चाहते है।_
*1)-:अभय कुमार वर्मा जी ।*💐💐
*2)-: नितिन वर्मा जी ।*💐💐
*3)-: विक्रम कुमार वर्मा जी।*💐💐
*4)-: संजय राणा जी।*💐💐
*5)-: बीरू पासवान जी ।*
*6)-: नरेन्द्र प्रसाद वर्मा जी।*💐💐
*7)-: प्रभात वर्मा जी।*💐💐
*8)-: संदीप वर्मा जी ।*💐💐
*9)-: प्रवीण वर्मा जी।*💐💐
क्या आप भी रक्तदान जैसे महान कार्यों में हिस्सा ले चुके है। या फिर आगे लेना चाहते है।

Saturday, 2 December 2017

घर बैठे रूपये बैंक एकाउंट में भेजने का बेहतर एप।

देश में कई कंपनी आनलाइन मनी ट्रांजेक्सन
वा ट्रांसफर के दिशा में कार्य कर रही थी और इस कार्य को अपने तरफ से बढ़ावा दे रही थी। अब भी कई कंपनियाँ इस दिशा में अपने कदमों को बढ़ा रही है। सबसे आगे जगह बना चुकी पेटीएम लोगों के लिए आएं दिन नये नये फीचर और सुविधाओं पर  काम कर रही है पर अब इसके लिए शुल्क भी चुकाना पझ रहा है।
         इन सब के प्रति लोगों के रूझान को देखते हुए।कई प्रतिष्ठित कंपनियों ने इस दिशा में कदम बढ़ा दिया है । अभी आप कैशलेस को लेकर प्लेट स्टोर से दर्जनोंधिक एप पा सकते है। इनमें से बेहतर और लाभान्वित करने वाले एप खोज पाना बहुत मुश्किल है। वैसे सुविधा तो हरेक एप देते है पर देखना होता है ।हमें सुविधा के साथ कौन से एप विशेष प्रस्ताव दे रहा है ।
 तो हम इस बार खोज कर लाएँ है कुछ ऐसा ही एप जो आपको सुविधा के साथ थोड़ा बहुत लाभ भी दे रहा है।आज हम आपको उस एप के बारे में बता रहे है जो आपको पहली बार दौर सौ रूपये से मनी ट्रांसफर्मर करने पर 100 ₹ का कैशबैक देता है ।इतना ही नहीं अगले क्रमशः अन्य चार  बार एकाउंट उपयोग पर 50 ₹ का मनभावन आफर दे रहा। रिचार्ज की बात करे तो एकाउंट से प्रथम रिचार्ज पर कैशबैक सुविधा दे रहा है।एयरटेल,जियो,वोडाफोन जैसे कस्टर के नंबर रिचार्ज पर बेहतर कैशबैक दे रहा है।
       ऐसे ही कई अन्य मनभावन लुभावने आफर आपके लिए यह एप लेकर आया है।जिससे अब तक आपकी नजर दूर है ।ऐसे में अगर आप इस एप के बारे में ज्यदा कुछ जानना चाहते है या उपयोग करना चाहते है तो इस लिंक से सीधे इस एप पर पहुँच सकते है।--------))) https://phon.pe/ru_raje5bik0

Wednesday, 9 August 2017

जोर- शोर से भव्यता के साथ लव-कुश जयंती समारोह मनाने की तैयारी में लगा कुशवाहा संघ ।

शुक्रवार 04 अगस्त 2017

गिरिडीह(हरिॐ)-:गिरिडीह जिला के कुशवाहा संघ इन दिनों लव-कुश जयंती समारोह मनाने को लेकर पूर्ण रूप से कार्यक्रम के रूप रेखा सहित पूरे तैयारी में जुट गयी है।कुशवाहा संघ ने अपने बैठकों में इस समारोह को गिरिडीह के सिहोडीह स्थित कुशवाहा छात्रावास में मनाने का निर्णय लिया है।लव कुछ जयंती के अवसर पर कार्यक्रम हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी किया जा रहा हैं ।पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी लव-कुश जयंती के अवसर पर  यह कार्यक्रम  विक्रम संवत् तिथि के अनुसार  श्रावण मास के पूर्णिमा को तय किया है।वहीं ग्रेगियन कैलेंडर की बात करें तो अगामी सोमवार, 07 अगस्त को तय समय 10 बजे पूर्वाह्न से रखा गया है।
          कार्यक्रम में हवन् पूजन, झंडोतोलन, उद्घाटन, स्वागतगान, संबोधन, मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह, भोजन और इन सब कार्यक्रमों के तत्पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
                संघ ने अपने अधीनस्थ ग्राम इकाइयों में निर्वाचित सदस्यों को इस कार्यक्रम की जानकारी जन जन तक व्यापक रूप से पहुँचाने का दिशा निर्देश जारी किया है।कुशवाहा संघ गिरिडीह के सभी जिलास्तरीय पदाधिकारी कार्यक्रम को लेकर तत्परता के साथ अपने अपने कार्यों में लगे हुए  हैं।
    इस अवसर पर मुख्य रूप से कुशवाहा समाज के कई बुद्धिजीवियों का जो विभिन्न क्षेत्रों में विशेष पदों पर वर्तमान में पदिष्ठित है या रह चुके है।उनका आगमन होने जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित होने वाले अतिथि आगंतुक सज्जनों के साथ दहेज प्रथा वा कुशवाहा समाज में उत्पन्न अन्य गंभीर सामाजिक कुरीतियों पर अपना वक्तव्य लोगों के सामने रख सकते है।इसके अलावे जिले के सभी प्रखंड़ो से कुशवाहा समुदाय के सम्मानित गणमान्य लोगों के साथ बहुसंख्य रूप में आम जनों के उपस्थित होने की भी उम्मीद है।

Sunday, 23 July 2017

*खिलजी वंश ;(1290-1320)*


■गुलाम वंश के शासन को समाप्त कर 13 जून 1290 ईसवी को *जलालुद्दीन फिरोज खिलजी* ने *खिलजी वंश* की स्थापना की।
■ इसने किलोखरी को अपना राजधानी बनाया।
■ जलालुद्दीन की हत्या 1296 में उसके भतीजा एवं दामाद अलाउद्दीन खिलजी ने कड़ामानिकपुर {इलाहाबाद में} कर दी।
 22 अक्टूबर, 1296 ईसवी में *अलाउद्दीन* दिल्ली का सुल्तान बना।
■ अल्लाउद्दीन के बचपन का नाम *अली* तथा गुरुशास्प था।
■ अल्लाउद्दीन खिलजी ने सेना को नकद वेतन देने एवं स्थाई सेना की नीव रखीं।
■ दिल्ली के शासकों में अलाउद्दीन खिलजी के पास सबसे विशाल स्थाई सेना थी।
■ घोड़ा दागने एवं सैनिकों का हुलिया लिखने की प्रथा की शुरुआत अलाउद्दीन खिलजी ने की।
■ अल्लाउद्दीन ने भू राजस्व की दर को बढ़ाकर उपज का 1/2 भाग कर दिया।
■ इसने खम्स ( लूट का धन) में सुल्तान का हिस्सा 1/4 भाग के स्थान पर 3/4 भाग कर दिया।
■ इसने व्यापारियों में बेईमानी रोकने के लिए कम तौलने वाले व्यक्ति के शरीर से मांस काट लेने का आदेश दिया। इसने अपने शासनकाल में 'मूल्य नियंत्रण प्रणाली' को दृढ़ता से लागू किया।
■ दक्षिण भारत की विजय के लिए अलाउद्दीन ने मलिक काफूर को भेजा।
■ जमैयत खान मस्जिद, अलाई दरवाजा, सीरी का किला तथा हजार खंभा महल का निर्माण अलाउद्दीन खिलजी ने करवाया था
■ देवी अधिकार के सिद्धांत को अल्लाउद्दीन ने चलाया था।
■ सिकन्दर- ए- सानी की उपाधि से स्वयं को अलाउद्दीन खिलजी ने विभूषित किया।
■ अल्लाउद्दीन ने मलिक याकूब को दीवाने रियासत नियुक्त किया था।
■ अल्लाउद्दीन द्वारा नियुक्त *परवाना - नवीस* नामक अधिकारी वस्तुओं की परमिट जारी करता था।
■ शहना -ए- मंडी------ यहां खाद्यान्नों की बिक्री हेतु लाया जाता था। *सराए-ए-अदल*------ यहाँ  वस्त्र,शक्कर, जड़ी-बूटी, मेवा, दीपक का तेल, एवं अन्य निर्मित वस्तुएं बिकने के लिए आती थीं।
*■ अल्लाउद्दीन खिलजी की आर्थिक नीति की व्यापक जानकारी जियाउद्दीन बरनी की कृति तारीखे ए फिरोजशाही से मिलती है।*
*■ _खजाइनुल-फतूह- अमीर खुसरो_, ~रिहला-इब्ना बतूता~ एवं फुतूहस्सलातीन-इसामी की कृति है।*
■ मूल्य नियंत्रण को सफल बनाने में मुहतसिब (सेंसर) एवं नजीर (नापतौल अधिकारी) महत्वपूर्ण भूमिका थी।
■ राजस्व सुधारों के अंतर्गत अल्लाउद्दीन नेम सर्वप्रथम मिल्क, इनाम एवं वक्फ के अंतर्गत दी गई भूमि को वापस लेकर उसे _खालसा भूमि_ में बदल दिया।
■ अल्लाउद्दीन खिलजी के द्वारा लगाए जाने वाले दो नवीन कर थे---(1) चारपाई कर----  दुधारु पशुओं पर लगाया जाता था,
(2) गाढी कर--- घरों एवं झोपड़ी पर लगाया जाता था।
■ अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल में मंगोलों ने भारत पर अपना अंतिम आक्रमण किया ।
■अल्लाउद्दीन खिलजी की मृत्यु 5 जनवरी,1316 ईसवी को हो गई।
■कुतुबुद्दीन मुबारक ख़िलजी 1316 ईसवी को दिल्ली के सिंहासन पर बैठा।
इसे नग्न स्त्री पुरुष की संगत पसंद थी।
■ मुबारक खिलजी कभी-कभी कभी राज दरबार में स्त्रियों का वस्त्र पहनकर आ जाता था।
■ बरनी के अनुसार मुबारक कभी-कभी नग्न होकर दरबारियों के बीच दौड़ा करता था।
■ मुबारक खाँ ने खलीफा की उपाधि धारण की थी।
■ मुबारक के वजीर खुशरों ने 15 अप्रैल,1320 ईस्वी को उसकी हत्या कर दी और स्वयं दिल्ली के सिंहासन पर बैठा।
*■ खुशरों खाँ ने  पैगंबर के सेनापति की उपाधि धारण की।*

Saturday, 22 July 2017

*तुगलक वंश 1320-1398 ई ○*

■ 5 सितंबर,1320 ईस्वी को खुशरों खाँ को पराजित करके गाजी मलिक या तुगलक गाजी गयासुद्दीन तुगलक के नाम से 8 सितंबर, 1320 ईसवी को दिल्ली के सिंहासन पर बैठा।
■ गयासुद्दीन तुगलक न करीब 29 बार मंगोल आक्रमण को विफल किया।
■ गयासुद्दीन ने अल्लाउद्दीन के समय में लिए गए अमीरों की भूमि को पुनः लौटा दिया।
■ इसने सिंचाई के लिए कुएं एवं नहरों का निर्माण करवाया। संभवत नहरों का निर्माण कर करने वाला गयासुद्दीन प्रथम शासक था ।
■ गयासुद्दीन तुगलक ने दिल्ली के समीप स्थित पहाड़ियों पर तुगलकाबाद नामक एक नया नगर स्थापित किया। रोमन शैली में निर्मित इस नगर में एक दुर्ग का निर्माण भी हुआ। इस दुर्ग को छप्पन कोट के नाम से भी जाना जाता है।
■ गयासुद्दीन तुगलक की मृत्यु 1325 ई में बंगाल के अभियान से लौटते समय जूना खाँ द्वारा निर्मित लकडी के महल में दबकर हो गई।
■ गयासुद्दीन के बाद जूना खाँ *मोहम्मद बिन तुगलक* के नाम से दिल्ली के सिंहासन पर बैठा।
■ मध्यकालीन सभी सुल्तानों में मोहम्मद तुगलक सर्वाधिक शिक्षित, विद्वान एवं योग्य व्यक्ति था।
■ मोहम्मद बिन तुगलक को अपनी सनक भरी योजनाओं, क्रूर कृत्य कृतियों एवं दूसरे के सुख-दुख के प्रति उपेक्षा भाव रखने के कारण स्वप्नशील,पागल एवं रक्त पिपासु कहा गया।
■ मोहम्मद बिन तुगलक ने कृषि के विकास के लिए 'अमीर-ए-कोही' नामक एक नवीन विभाग की स्थापना की।
■ मोहम्मद बिन तुगलक ने अपनी राजधानी दिल्ली से देवगिरी में स्थानांतरित की और इसका नाम दौलताबाद रखा।
■ सांकेतिक मुद्रा के अंतर्गत मोहम्मद बिन तुगलक ने पीतल{ फरिश्ता के अनुसार}, तांबा {बरनी के अनुसार} धातुओं के सिक्के चलवाए, जिनका मूल्य चांदी के रूपए टंका के बराबर होता था।
■ अफ्रीकी {मोरक्को} यात्री इब्नबतूता लगभग 1333 ईसवी में भारत आया। सुल्तान ने इसे दिल्ली का काजी नियुक्त किया। 1342 ईस्वी में सुल्तान ने इसे अपने राजदूत के रूप में चीन भेजा।
■ इब्नबतूता की पुस्तक रेहला में मोहम्मद तुगलक के समय की घटनाओं का वर्णन है। इसने अपनी पुस्तक में विदेशी व्यापारियों की आवागमन, डाक चौकियों की स्थापना यानी डाक व्यवस्था एवं गुप्तचर व्यवस्था के बारे में लिखा है।
■ मोहम्मद तुगलक ने जिन प्रभा सूर नामक जैन-साधु के साथ विचार- विमर्श किया था ।
■ मोहम्मद बिन तुगलक की मृत्यु 20 मार्च, 1351 ईसवी को सिंध जाते समय खट्टा के निकट नोडल में हो गई।
■ मोहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल में दक्षिण में हरिहर एवं बुक्का नामक दो भाइयों ने 1336 ईसवी में स्वतंत्र राज्य विजयनगर की स्थापना की।
■ महाराष्ट्र में अलाउद्दीन बहमन शाह ने टेरस 47 ईस्वी में स्वतंत्र बहमनी राज्य की स्थापना की। ■ महाराष्ट्र में अलाउद्दीन बहमन शाह ने 1347 ईसवी में स्वतंत्र बहमनी राज्य की स्थापना की।
■ मोहम्मद बिन तुगलक की मृत्यु पर इतिहासकार बदायूनी लिखता है, " अंततः लोगों को उस से मुक्ति मिली और उसे लोगों से"।
■ मोहम्मद बिन तुगलक शेख अलाउद्दीन का शिष्य था। वह सल्तनत का पहला शासक था, जो अजमेर में शेख मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह और बहराइच से सालार मसूद गाजी के मकबरे में गया।
■ मोहम्मद बिन तुगलक ने बदायूँ में मीरन मुलहीम, दिल्ली में शेख निजामुद्दीन औलिया, मुल्तान में शेख रुकनुद्दीन,अजुधन में शेख मुल्तान आदि संतो की कब्र पर मक़बरे बनवाए।
■ फिरोज तुगलक का राज्यभिषेक थट्टा के निकट 20 मार्च, 1351 ईस्वी को हुआ। पुनः फिरोज का राज्यभिषेक दिल्ली में 13 अगस्त 1351 ई को हुआ। खलीफा द्वारा इसे कासिम अमीर उल मोममीन की उपाधि दी गई।
■ राजस्व व्यवस्था के अंतर्गत फिरोज ने अपने शासनकाल में 24 कष्टदायक करों को समाप्त कर केवल चार कर----- खराज (लगान),खुम्स (युद्ध में लुट का माल), जजिया एवं जकात को वसूल करने का आदेश दिया।
■ फिरोज तुगलक ब्राह्मणों पर जजिया लागू करने वाला पहला मुसलमान शासक था।
■ फिरोज तुगलक ने एक नया कर सिंचाई कर भी लगाया जो उपज का 1/10 भाग था।
■ फिरोज तुगलक ने पांच बड़ी नहरों का निर्माण करवाया।
■ फिरोज तुगलक ने 300 नए नगरों की स्थापना की।इनमें हिसार, फिरोजाबाद (दिल्ली), फतेहाबाद, जौनपुर, फिरोजपुर प्रमुख है।
■ इसके शासन में खिज्राबाद (टोपरा गांव) एवं मेरठ से अशोक के 2 स्तंभों को लाकर दिल्ली में स्थापित किया गया।
■ सुल्तान फिरोज तुगलक ने अनाथ मुस्लिम महिलाओं, विधवाओं एवं लड़कियों की सहायता के लिए एक नए विभाग दीवाने-ए- खैरात की स्थापना की।
■ सल्तनत कालीन सुल्तानों के शासनकाल में सबसे अधिक दासों की संख्या (करीब 1 लाख 80 हजार) फिरोज तुगलक के समय थी ।
■ दासों की देखभाल के लिए फिरोज ने एक नये विभाग दीवान-ए- बंदगान की स्थापना की।
■ इसने सैन्य पदों को वंशानुगत बना दिया।
■ इसने अपनी आत्मकथा फतूहात-ए- फिरोजशाही की रचना की।
■ इसने जियाउद्दीन बरनी एवं शम्मस-ए- सिराज अफीफ को अपना संरक्षण प्रदान किया।
■ इसमें ज्वालामुखी मंदिर के पुस्तकालय से लूटे गए 1300 ग्रंथों में से कुछ को फारसी में विद्वानों अपाउद्दीन द्वारा 'दलायते-  फिरोजशाही' नाम से अनुवाद करवाया।
■ इसने चांदी एवं तांबे के मिश्रण से निर्मित सिक्के भारी संख्या में जारी करवाएं, जिसे अद्धा एवं विख कहा जाता था।
■ फिरोज तुगलक की मृत्यु सितंबर 1388 में हो गई।
■ फिरोज काल में निर्मित खान-ए-जहाँ  तेलंगानी के मक़बरा की तुलना जेरूसलम में निर्मित उमर की मस्जिद से की जाती है।
■ सुल्तान फिरोज तुगलक ने दिल्ली में कोटला फिरोजशाह दुर्ग का निर्माण करवाया।
■ तुगलक वंश का अंतिम शासक नसरुद्दीन मोहम्मद तुगलक था।
■ इसका शासन दिल्ली से पालम तक ही रह गया था।
■ तैमूर लंग ने सुल्तान नसीरुद्दीन मुहम्मद तुगलक के समय 1398 में दिल्ली पर आक्रमण किया।
■ नसरुद्दीन के समय में ही मलिकुशर्शक(पूर्वाधिपति) की उपाधि धारण कर एक हिजड़ा मलिक सरवर ने जौनपुर में एक स्वतंत्र राज्य की स्थापना की।

Monday, 5 June 2017

इसरो का सबसे ताकतवर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल GSLV मार्क 3 डी-1 अपनी पहली उड़ान के लिए तैयार है। इसका वजन 200 हाथियों के बराबर है। इसे श्रीहरिकोटा (आंध्रप्रदेश) के सतीश धवन स्पेस सेंटर से सोमवार शाम 5.28 बजे छोड़ा जाएगा। ये अपने साथ एक हाथी के बराबर वजनी देश के सबसे भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट GSAT-19 (वजन 3136 kg ) को लेकर जाएगा। इसके साथ ही भारत में हाई स्पीड इंटरनेट युग की शुरुआत होगी। स्पेस में इंसान को भेजने का भारत का सपना जल्द पूरा हो सकता है पूरा... - न्यूज एजेंसी के मुताबिक GSLV मार्क 3 की लॉन्चिंग के साथ ही स्पेस में इंसान को भेजने का भारत का सपना जल्द पूरा हो सकता है। फिलहाल रूस, अमेरिका और चीन के पास इंसान को स्पेस में भेजने की काबिलियत है। - GSLV मार्क 3 को इसरो ने डेवलप किया है। इसकी लॉन्चिंग को स्पेस टेक्नोलॉजी में बड़ा बदलाव लाने वाले मिशन के तौर पर देखा जा रहा है। इसकी उल्टी गिनती रविवार शाम 3.58 बजे शुरू हुई थी। - GSLV मार्क 3 के साथ अब भारत दूसरे देशों पर डिपेंड हुए बिना बड़े और भारी सैटेलाइट्स की देश में ही लॉन्चिंग कर सकेगा। यह चार टन तक के वजन वाले सैटेलाइट्स को ले जा सकता है। इसकी क्षमता मौजूदा जीएसएलवी मार्क 2 की दो टन की क्षमता से दोगुना है। GSAT-11 को भी भेजा जाएगा - इसरो के चेयरमैन किरण कुमार ने बताया कि GSAT-19 के बाद GSAT-11 को भी भेजा जाएगा। ये दो सैटेलाइट गेम चेंजर माने जा रहे हैं। कम्यूनिकेशन की फील्ड में ये क्रांतिकारी बदलाव होगा। इनकी लॉन्चिंग डिजिटल इंडिया की दिशा में बेहद अहम कदम होगा। ये हाई स्पीड इंटरनेट सर्विस मुहैया कराने के साथ ही कम्युनिकेशन को असरदार बनाने में अहम रोल निभाएंगे। - स्पेस एप्लिकेशन सेंटर, अहमदाबाद के डायरेक्टर तपन मिश्रा ने बताया कि अगर यह लॉन्चिंग सफल रही तो अकेला GSAT-19 सैटेलाइट स्पेस में पहले से मौजूद पुराने किस्म के 6-7 कम्युनिकेश सैटेलाइट के ग्रुप के बराबर होगा। आज स्पेस में मौजूद 41 भारतीय सैटेलाइट्स में से 13 कम्युनिकेशन सैटेलाइट हैं। - मिश्रा के मुताबिक इस साल के आखिर में GSAT-11 छोड़ा जाएगा। इन दोनों सैटेलाइट के काम शुरू करते ही हाई-क्वालिटी इंटरनेट, फोन और वीडियो सर्विस मिलनी शुरू हो जाएगी। स्पेस में पहले से मौजूद GSAT सैटेलाइट्स का प्रभावी डाटा रेट एक गीगाबाइट प्रति सेकंड है, जबकि GSAT-19 प्रति सेकंड 4 गीगाबाइट डाटा और GSAT-11 तेरह गीगाबाइट प्रति सेकंड की दर से डाटा ट्रांसफर करने के काबिल है। क्या है GSLV मार्क 3? - इसका वजन 630 टन है और ऊंचाई करीब 42 मीटर है। इसे फैट बॉय सैटेलाइट कहा जा रहा है। इसका वजन 5 पूरी तरह से भरे बोइंग जम्बो विमान या 200 हाथियों के बराबर है। इसको बनाने में 160 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। क्या है GSAT-19? - GSAT-19 में मॉडर्न प्लेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। यह हीट पाइप, फाइबर ऑप्टिक जायरो, माइक्रो-मैकेनिकल सिस्टम्स एक्सीलेरोमीटर, केयू-बैंड टीटीसी ट्रांसपोंडर और देश में बनी एक लीथियम आयन बैटरी से लैस है। GSAT-19 देश में तैयार सबसे वजनी सैटेलाइट है। इस पर करीब 300 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।

सोमवार 05 जून 2017

Wednesday, 8 February 2017

*जागृति कुशवाहा संघ नावागढ़ द्वारा सरस्वती पूजा 2017  में   सभी जगहों पर आवश्यक व्यय राशि।*

          *विवरण*
👇👇👇👇👇
चीन +बेसन-3583₹-/।
रिफाइन+सूजी-567₹-/।
डिजल-500₹-/
जेनरेट्रर भाडा(पूजा स्थल के लिए)-400-/₹।
मिठाई मिस्त्री -400-/₹।
नवनीत साउण्ड़-4800₹-/।
पंडित दक्षिणा-601-/₹।
नकुल सिंह बाजा मशीन -150-/₹
थर्मोकोल-675-/₹।
पूजा समान वा अन्य(विस्तृत जानकारी समीति के काॅपी में )-2848-/₹।
👆👆👆👆👆👆
*कुल  व्यय राशि। --------------------14524-/₹।*

-------------------------------------------------
*सरस्वती पूजा 2017 हेतु जागृति कुशवाहा संघ नावागढ़ को  सभी स्रोत से प्राप्त सहयोग राशि।*
👇👇👇👇👇👇👇👇👇
हांडिया चंदा --------------4093-/₹।
ट्रक चंदा -----------------1921-/₹।
*नवयुवक चंदा -----------                                  --                             8008-/₹।*
मैट्रिक प्रतिभागी (लड़के)-2100-/₹।
मैट्रिक प्रतिभागी(लड़कियाँ)-800-/₹।

कुल प्राप्त सहयोग राशि------16922 /₹।


कुल सहयोग राशि----- *16922*
कुल खर्च --     *---* *14524*
------------------------------------------------
*बचत--                     2398-/*

सभी सहयोग के अलावे हमारे समाज के अन्य लोगों ने कुछ विशेष सहयोग किए।

*🌟सरस्वती माँ प्रतिमा सहयोग श्री सीताराम महतो संपूर्ण परिवार ।*

_🌟डेकोरेशन खर्च(कील,पेन्ट,रंग,चुना वगैरह .....) राजनंदनी शु स्टोर & हार्डवेयर।_

नोट ध्यान दे---- अगले साल होने वाले सरस्वती पूजा के आपेक्षित सहयोग(प्रतिमा,डेकोरेशन, वा अन्य) के लिए समीति आपको सादर आमंत्रित करती है ।

व्यवस्थापक ----विक्रम वर्मा ।
अध्यक्ष -------प्रवीण वर्मा।
कोषाध्यक्ष ---लखन वर्मा ।